वित्तीय समावेशन

भारतीय महिला बैंक एक विशेष जनादेश के साथ देश की महिलाओं की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने और बड़े पैमाने पर महिलाओं के वित्तीय समावेशन के द्वारा देश की महिलाओं की सेवा करने के लिए स्थापित किया गया है। बैंक की टैगलाइन "- महिला सशक्तिकरण - भारत का सशक्तिकरण" है।

बैंक समझता है की महिलाओं को पुरुषो की तुलना मे अधिक वित्तीय साक्षारता की जरूरत है क्योकि वे पैसे के मामलों के विभिन्न अनुभवों से वंचित हैं और आम तौर पर वित्तीय और अन्य परिसंपत्तियों पर न्यूनतम स्वामित्व कर रही हैं। इसके अलावा, उनमें से कई अपने घरों से बाहर नहीं निकलती है अतः वो बाजार की शक्तियों से अपरिचित है और वित्तीय मामलों से निपटने के महत्वपूर्ण अनुभवों से वंचित रह जाती है। वित्तीय उत्पादों और प्रक्रियाओं के बारे में जागरूकता / ज्ञान / क्षमता के अभाव में काफी लागत और प्रयास पर बनाई गयी बैंकिंग सुविधाओं का उपयोग नहीं किया जा सकता है और ग्राहकों के लिए खुद को अत्यधिक-ऋणग्रस्तता के विभिन्न जोखिमों, आय और परिसंपत्तियों की सुरक्षा के अपर्याप्त उपाय आदि से बचाना कठिन है

बैंक ने वित्तीय साक्षरता के माध्यम से वित्तीय लाभ की ओर पहला कदम रखा है। बैंक हर हफ्ते अपनी शाखाओं के माध्यम से वित्तीय साक्षरता संबंधी गतिविधियों को चलाती है। एक वर्ष से कम समय में, हमने देश भर में 34 शाखाओं के नेटवर्क के माध्यम से वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किए हैं और 25000 से अधिक लाभार्थियों को लाभ हुआ है

समाज के सभी वर्गों से महिला उद्यमियों को महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए, बैंक द्वारा प्रोत्साहित किया जाता है। समाज के सबसे निचले स्तर की महिलाओं के लिए बैंक ने सूक्ष्म वित्त की सुविधा पर ध्यान दिया है जिसके लिए हमने विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के साथ करार किया है। स्वयं सहायता समूहों मे से महिलाओं के समूह जो गैर सरकारी संगठनों द्वारा पोषित / प्रशिक्षित किए गए है, उनकी क्षमताओ को आजीविका संबंधी गतिविधियों मे बदलने के लिए बैंक द्वारा वित्त पोषण किया जा रहा हैं। इस क्षेत्र मे , किसी भी आय सृजन संबंधी गतिविधि को वित्तपोषण द्वारा प्रोत्साहित किया जाता है। बैंक द्वारा महिलाओं को केंद्रित कई अभिनव उत्पादों को शुरू किया गया है। केटरिंग सर्विस ऋण, डे-केयर सेंटर ऋण, ब्यूटी पार्लर ऋण आदि कुछ ऐसे ही ऋणों के नाम हैं।

प्रतिष्ठित गैर सरकारी संगठनों के साथ संबंधों को मजबूत बनाने और उधार देने की सुविधा के लिए बैंक द्वारा एक कदम और आगे बढ़ाया गया है। बैंक ने कुछ प्रतिष्ठित गैर सरकारी संगठनों, संस्थानों और सामाजिक संस्थानो के साथ समझौता ज्ञापन में प्रवेश किया है, जिनमे से कुछ महिला आर्थिक विकास महामंडल – मुंबई ,जीसीसीआई- अहमदाबाद आदि है| हम स्थानीय क्षेत्रों में विभिन्न गैर सरकारी संगठनों की भी सहायता ले रहे है।

लक्ष्य समूहो के लिए सूक्ष्म वित्त हमारे प्रतिभूति रहित सूक्ष्म वित्त ऋण उत्पादो जैसे बीएमबी माइक्रो क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता समूह के वित्त पोषण, जेएलजी वित्तपोषण के माध्यम से प्रदान की जाती है| लोगों तक पहुचने के हमारे इन प्रयासो ने काफी लाभार्थियों लाभान्वित किया है। हम नए उपक्रमो के विस्तार, मौजूदा गतिविधियों को आगे बढ़ाने में उन्हें मदद करते हैं। अन्य सूक्ष्म गतिविधियों जैसे ब्यूटी पार्लर / रेडीमेड कपड़ों की बिक्री / आभूषण बनाने / कढ़ाई केंद्र की स्थापना, फुटकर सब्जी विक्रय / फुटकर बर्तन विक्रय / आदि गतिविधियों के अलावा सभी प्रकार की कृषि गतिविधियो को भी हमारे बैंक द्वारा प्रोत्साहित किया जाता है।

बैंक ने कालंजीयाम विकास और वित्तीय सेवा ( केडीएफ़एस ) के माध्यम से 48,750 महिलाओं लाभार्थियों को जो शुष्क भूमि खेती और अन्य कृषि संबंधित गतिविधियों में शामिल है को वित्तीय सहायता प्रदान की है। इसी तरह, भारतीय माइक्रो क्रेडिट के माध्यम से कई एसएचजी / जेएलजी का वित्त पोषण बैंक रिक्शा और सिलाई मशीनों की खरीद के लिए किया गया है जिससे 3000 से अधिक महिलाएं लाभान्वित हुई है । श्री माँ महिला समिति के माध्यम से हम पश्चिम बंगाल के 5 जिले में 1654 सदस्यों के एसएचजी समूहों को ऋण देकर महिलाओं की सहायता कर रहे हैं|

ग्रामीण महिलाओं को सूक्ष्म उद्दमी बनने मे सहायता करने के उद्देश्य से बैंक ने “ दृष्टी ” के साथ मिलकर सामूहिक रूप से "मोमो-रंगोली" परियोजना शुरू की है। यह (महिला से महिला) महिला का ,महिला के लिए और महिलाओं के द्वारा खुदरा दुकानों , की अवधारणा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पास, मलीहाबाद के ग्रामीण अंचल मे सात ऐसी दुकानों का वित्त पोषण किया गया है।

प्रधानमंत्री जन धन योजना:

शहरी क्षेत्र में सीमित उपस्थिति के बावजूद केवल कुछ शाखाओं के छोटे से नेटवर्क के साथ हमने 60000 से अधिक खाते खोल लिए है । हम पूर्ण उत्साह के साथ इस योजना को अधिक से अधिक योगदान करने के लिए हमारे प्रयासों के साथ जारी रखे हुए हैं| धौलपुर के ग्रामीण क्षेत्र में 7000 से अधिक खाते खोले गए हैं। वित्तीय वर्ष 2014- 15 के दौरान बैंक का 20 ग्रामीण शाखाएं खोलने का प्रस्ताव है। बैंक हर क्षेत्र तक पहुँचने के लिए सभी संभव तंत्र तलाश रही है|

बैंक इस प्रकार लगातार समावेशी बैंकिंग की दिशा में अपनी राह में अग्रसर है। हालाँकि एक लंबी दूरी को तय किया जाना है, लेकिन हमने एक मजबूत शुरुआत कर दी है।

  • आज का सुविचार - "जब तक आप अपनी समस्याओं एवं कठिनाइयों की वजह दूसरों को मानते है, तब तक आप अपनी समस्याओं एवं कठिनाइयों को मिटा नहीं सकते |" आज का शब्द - "lump credits = एकमुश्त जमा"

  • जयपुर, काकीनाडा, कानपुर, कोच्चि, लखनऊ, मंगलौर, मुंबई, मॉडल टाउन, पंचकुला, पटना, पुणे, रायपुर, रांची, ठाणे, तिरूवनंतपुरम, वडोदरा में हमारी शाखाओं में लाकर्स सुविधा उपलब्ध